
बाह (आगरा)। थाना बाह क्षेत्र के गांव चौरंगाबीहड़ में खुरपका–मुंहपका रोग फैलने से पशुपालकों में हड़कंप मच गया है। गांव में दर्जनों बकरियां इस संक्रामक रोग की चपेट में आ गई हैं, जबकि एक बकरी की मौत भी हो चुकी है। बीमारी के तेजी से फैलने के कारण ग्रामीणों को भारी आर्थिक नुकसान का डर सता रहा है।ग्रामीणों के अनुसार बीते कुछ दिनों से बकरियों में मुंह में छाले, खुरों में घाव, लंगड़ापन और तेज बुखार जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं। कई पशु चारा-पानी छोड़ चुके हैं और कमजोर होते जा रहे हैं। समय पर पशु चिकित्सा सुविधा न मिलने के कारण ग्रामीण मजबूरी में झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज कराने को विवश हैं।पशुपालकों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद अब तक पशु चिकित्सा विभाग की टीम गांव में नहीं पहुंची है। न तो टीकाकरण कराया गया और न ही दवाओं का वितरण हुआ, जिससे रोग के और फैलने की आशंका बनी हुई है।ग्रामीणों ने प्रशासन और पशुपालन विभाग से तत्काल गांव में कैंप लगाकर बीमार पशुओं के उपचार, दवाइयों की व्यवस्था तथा स्वस्थ पशुओं के टीकाकरण की मांग की है। वहीं, पशुपालकों का कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो कई और बकरियों की जान जा सकती है।

